'माता निर्माता भवति'


नारी कल्याण के उदेश्य को लेकर ब्र्ह्मकालीन आचर्य महामण्डलेशवर परम पूज्य अनन्त श्री विभूषित स्वामी गणेशानन्द जी महाराज दुवारा वर्ष 1998 सनातन धर्म कन्या महाविद्यालय की स्थापना हुई | जिससे न सिर्फ उचाना बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रो की कन्याओं को उच्च शिक्षा का अवसर मिला | वर्ष 2012 में इस महाविद्यालय को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से संबद्ध किया गया है | इस महाविद्यालय में केवल लड़कियों की पढ़ाई की व्यवस्था है, एवम प्राध्यापकगण भी महिलाएं ही है|

इस महाविद्यालय का भवन शांत वातावरण में स्थित है तथा कला संकाय वाणिज्य संकाय के अध्यापन की सुविधा है| जिन कला संकाय विषयों की व्यवस्था है वे इस प्रकार है: हिंदी, संस्कृत, अंग्रेजी, गणित, अर्थशास्त्र, राजनीती शास्त्र, इतिहास, लोक प्रशासन, कम्प्यूटर साइंस | अध्यन की सुविधा के लिए एक समृद्ध पुस्तकालय है जिसमे बुक बैंक की सुविधा उपलब्ध है | पिने के पनि के लिए वाटर प्यूरीफायर व वाटर कूलर की सुविधा दी गई है | जनरेटर की सुविधा दी गई है, ओर साथ में ही कैंटीन, कॉमन रूम, लड़कियों को आस पास के क्षेत्रो से लेन ले जाने के लिए बस सुविधा, विशाल उद्यान एवम खेल के मैदान की व्यवस्था है|

प्रबंधक समिति के सौहार्द तथा सहयोग के फलस्वरूप यह संस्था अपने आस पास के इलाको में गहराई से जुडी हुई है ओर निरंतर उपलब्धियों से यह महाविद्यालय उन्नति के पथ पर अग्रसर है और आप सभी क्षेत्र वाशियो के लिए ये बड़े गर्व की बात है|

संदेश


श्री निर्मल मिंडा (प्रबंधकीय निदेशक )


प्रगति के इस युग में स्त्री शिक्षा की बढ़ती आवशयकता को ध्यान में रखते हुए उचाना व इसके ग्रामीण क्षेत्र की स्त्री शिक्षा सम्बन्धी अभिलाषा की पूर्ति के लिए ही यह महाविद्यालय अपने शेक्षणिक जीवन में प्रवेश कर रहा है | यह महाविद्यालय कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से संबद्ध है| यह महाविद्यालय प्रगति के पथ पर बढ़ते हुए एक आदर्श संस्था के रूप में उभर रहा है|
सनातन धर्म कन्या महाविद्यालय के नए शत्र के सुभारम्भ पर मेरी हार्दिक शुभकामनाए...

श्रीमती वीणा बम्बोरिया (प्राचार्या)


शिक्षा के द्वारा ही मानवता का विकाश होता है| मानव को मानवोचित गुणों की अनुभूति होती है| मेरा यह दृढ विस्वाश है की इस महाविद्यालय की छात्राए अनुशासन का पालन करते हुए करुणा स्वाभिमान स्वतंत्रता एवं सत्यनिष्ठा आदि भावो की ओर प्रवृत होते हुए अपनी उपलब्दियों के द्वारा अपने महाविद्यालय शहर एवं देश का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखवाएगी| इस लक्ष्य को मैं आप सब छात्राओ के मंगल व उज्वल भविष्य की कामना करती हुँ कि आप अपने जीवन के उदेश्य को प्राप्त कर अपने परिवार शहर देश का नाम रोशन करें तथा जीवन को सफल बनाए...